Chhattisgarh

नारायणपुर: नक्सलियों के निशाने पर हेल्थ वर्कर, एंबुलेंस ड्राइवर की हत्या की व एक को किया अगवा

छत्तीसगढ़ में अब नक्सलियों के निशाने पर हेल्थ वर्कर भी आ गए हैं। नारायणपुर में नक्सलियों ने शुक्रवार शाम को एक एंबुलेंस चालक की हत्या कर दी। उसको पहले डंडों से पीटा और फिर कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर दिया। इसके साथ ही नक्सली उसके बड़े भाई को भी अगवा कर ले गए। किसी तरह अगले दिन शनिवार सुबह उसका बड़ा भाई नक्सलियों के चंगुल से बचकर गांव लौटा तो घटना का पता चला। मामला धनारो थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, धनोरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस चालक जयराम उसेंडी (35) शुक्रवार को अपने बड़े भाई पिलदास के साथ टेकानार के मुर्गा बाजार गया था। वहां से लौटने के दौरान रास्ते में जिला मुख्यालय से करीब 55 किमी नक्सलियों ने जयराम की हत्या कर दी और उसके बड़े भाई पिलदास को अगवा कर ले गए। अगले दिन सुबह किसी तरह नक्सलियों के चंगुल से छूटकर पिलदास गांव लौटा।

रात भर पेड़ पर छिपा रहा भाई, सुबह गांव लौटा

बताया जा रहा है कि नक्सलियों के चंगुल से भागे पिलदास ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि आधा दर्जन नक्सलियों ने घेराबंदी कर उन्हें रास्ते में रोक लिया था। इसके बाद डंडे से पहले जयराम को पीटा और फिर कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद नक्सली उसे पुलिस मुखबिरी की सजा दने की बात कहते हुए नारे लगा रहे थे। नक्सलियों से बचकर किसी तरह वह पेड़ पर चढ़ गया और सारी रात वहीं छिपा रहा।

पहले भी जयराम के परिवार को गांव से भगाया था नक्सलियों ने

सुबह पिलदास की सूचना पर पुलिस मौके पर रवाना हो गई। वहां जयराम का शव बरामद करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बताया जा रहा है कि करीब आठ साल पहले भी नक्सलियों ने जयराम के परिवार को मकसोली गांव से भगा दिया था। इसके बाद पूरा परिवार धनोरा में आकर बसा गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी पूरी तरह से जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

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