agriculture-seed-video-confrecing-08-may-2020
Chhattisgarh Gondwana Special

रायपुर : किसानों को खाद-बीज के लिए भटकना न पड़े : डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम

रायपुर. सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा है कि किसानों के हितों को देखते हुए खाद-बीज की आवश्यकता के अनुसार गोदाम में उनका भण्डारण रहे और किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो, किसानों को खाद-बीज के लिए भटकना न पड़े। डॉ. टेकाम आज वीडियो कॉन्फ्रेंंिसंग के माध्यम से सहकारिता विभाग के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में काम करना विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है। किसानों को खेती-किसानी के लिए ऋण भी पात्रतानुसार उपलब्ध कराना है। जिला अधिकारी जिले में किसानों की मांग और आवश्यकतानुसार खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण रखे। सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को ऋण वितरण के समय फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क और सेनेटाइजर की व्यवस्था रखे।

आवश्यकतानुसार समितियों में कराए खाद-बीज का भंडारण

सहकारिता मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ बीज भण्डारण और वितरण के संबंध में स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। रासायनिक खाद भण्डारण और वितरण के लिए जिले के कृषि अधिकारियों से समन्वय कर डबल लाक से सिंगल लाक में पहुंचाने की त्वरित व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कोराना संक्रमण से बचाव और लॉकडाउन की स्थिति में विगत वर्षाें की अपेक्षा किसानों के हित में तेजी से कार्य किया जाए।

डॉ. टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार धान उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले धान को बारिश से बचाने के लिए अभियान चलाकर धान उपार्जन केन्द्रों में चबूतरा और शेड निर्माण किया जाना है। जिला अधिकारी इसके प्रस्ताव तैयार कर विभाग को शीघ्र भेजे। डॉ. टेकाम ने कहा कि प्राथमिक शाख सहकारी समितियों का पुर्नगठन किया जाना है। जिला अधिकारी इस संबंध में समितियों के पुर्नगठन में किसानों की सुविधाओं का ध्यान रखे। विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय और सहयोग से पुर्नगठन की कार्यवाही करे। पुर्नगठन समिति की सीमा एक ही जिले में हो इसका भी ध्यान रखा जाए।

सहकारिता विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा

सहकारिता सचिव श्री प्रसन्ना आर. ने सभी जिला अधिकारियों को राजस्व न्यायालय की तरह ही हर माह सहकारिता के मामलों की सुनवाई अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से अधिकारी आवेदनों एवं प्रकरणों का निराकरण करें। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को शासकीय ऋण अंशपूंजी एवं ब्याज की वसूली का भी अभियान संचालित करने और इसकी अधिकारीवार मासिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सहकारी समितियों का तत्काल ऑडिट कर प्रतिवेदन 5 जून तक मुख्यालय भिजवाना सुनिश्चित करे।

प्रदेश में संचालित शक्कर कारखानों की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि किसानों से क्रय किए गए गन्ने के एवज में भुगतान हेतु ऋण प्राप्त करने के प्रस्ताव भी अपेक्स बैंक में जमा कराए। सचिव श्री प्रसन्ना ने कहा कि शक्कर कारखाना केरता एवं पण्डरिया में गोदाम का निर्माण कराए जाने की सहमति मुख्यमंत्री जी ने प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि उक्त दोनों शक्कर कारखानों में गोदाम का निर्माण डीएमएफ मद से कराया जाना है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को प्रस्ताव एवं प्राक्कलन तैयार कराकर भिजवाने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 6 मई तक लक्ष्य के विरूद्ध 70 फीसद रासायनिक खाद का भंडारण मार्कफेड के गोदामों एवं सहकारी समितियों किया जा चुका है। जिसके विरूद्ध अब तक 55 हजार 700 मीट्रिक टन खाद का किसानों द्वारा कर लिया गया है। इसी तरह राज्य के सभी जिलों में 29 हजार टन धान बीज का भंडारण कराया गया है, जिसमें से 6 हजार 134 टन धान-बीज का उठाव किसानों द्वारा कर लिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ (मार्कफेड) श्रीमती शम्मी आबिदी, पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री हिम शिखर गुप्ता सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply