आचार संहिता लगते ही मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने समेटे कामकाज, स्मार्टफोन वितरण हुआ पर लगी रोक - गोंडवाना एक्सप्रेस
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आचार संहिता लगते ही मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने समेटे कामकाज, स्मार्टफोन वितरण हुआ पर लगी रोक

रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ की पांचवीं विधानसभा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने शनिवार को तारीखों का ऐलान कर दिया है। जिसके बाद में तत्‍काल प्रभाव से आज ही (शनिवार से) आचार संहिता लागू कर दी गई। इसे देखते हुए ही मुख्यमंत्री रमन सिहं और उनके मंत्रियों ने अपने विभागों के कामकाज समेटना शुरु कर दिए हैं। इधर, शुक्रवार को सीईओ सुब्रत साहू ने राज्य स्तर पर सेक्शन वार रिव्यू कर चुनाव तैयारियों को फाइनलाइज कर दिया है।

हाल ही में सभी 90 विधानसभा सीटों के आरओ और एआरओ यानी निर्वाचन और सहायक निर्वाचन अफसरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम और परीक्षा हुई है। इसमें भी आदर्श आचार संहिता के बारे में अफसरों को विस्तार से जानकारी दी गई है। इसके साथ ही सभी जिलों में बनाई गई निगरानी टीम को अब अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसमें बाहर से आने वाले सुरक्षा और पुलिस बल के लिए किए जाने वाले इंतजाम के लिए भी निर्देश पहले ही जारी हो चुके हैं।




आज रमन केबिनेट की आखिरी बैठक हुई 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी। चुनाव आचार संहिता लगने के पूर्व यह उनकी आखिरी केबिनेट की बैठक थी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम को राज्य शासन के द्वारा स्वीकृत 36 करोड़ प्रत्याभूति राशि पर लगने वाले 0.5 प्रतिशत प्रत्याभूति शुल्क की छूट प्रदान करने की निर्णय जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मोबाइल तिहार पर रोक लगाई गई

आदर्श आचार संहिता लगते ही चिप्स ने आदेश जारी कर राज्य में स्काई योजना के तहत स्मार्ट फोन बांटने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। चिप्स के सीईओ एलेक्स पॉल मेनन में  सभी जिला कलेक्टरों को इस संदर्भ में आदेश जारी किया है। सरकार की ओर से प्रदेश में 50 लाख से ज्यादा महिलाओं और छात्रों को निशुल्क स्मार्ट फोन बांटे जाने का लक्ष्य रखा गया था। आचार संहिता लगने से वो लक्ष्य अधूरा रह गया। एलेक्स पॉल मेनन के अनुसार अब तक करीब 28 से 30 लाख मोबाइल ही बांट पाए हैं।

बीच रास्ते में छोड़ दी सरकारी गाड़ी

विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही सप्रे शाला मैदान के पास एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने तुरंत निजी कार मंगवा ली और सरकारी कार वही छोड़ दी। इधर, खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने भी आचार संहिता की सूचना मिलते ही सरकारी वाहन का उपयोग छोड़ दिया।



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