आखिर ऐसा क्या हुआ कि यूपी-बिहार के लोग गुजरात छोड़ने को मज़बूर हो गए - गोंडवाना एक्सप्रेस
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आखिर ऐसा क्या हुआ कि यूपी-बिहार के लोग गुजरात छोड़ने को मज़बूर हो गए

नेशनल न्यूज़ (एजेंसी) | गुजरात में बिहार से आए एक मज़दूर अभियुक्त की गिरफ़्तारी के बाद ये मुद्दा अब ‘गुजराती बनाम बाहरी’ में तब्दील हो गया है। अभी इस इलाक़े में क़रीब सवा लाख बाहरी लोग रहते हैं। अब तक बाहरी लोगों पर हमले की 18 घटनाएं हो चुकी हैं जिसके चलते बाहरी लोग अपना घर छोड़कर जा रहे हैं। हिम्मतनगर के शक्तिनगर इलाके में किराए के मकानों में बड़ी तादाद में बाहरी लोग रहते थे अब यहां कई घरों में ताला पड़ा है।

साबरकांठा ज़िले में एक ग़ैर-गुजराती को 14 महीने की बच्ची के बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद वहां स्थानीय लोगों में उत्तर भारत से आकर रह रहे लोगों के लिए ग़ुस्सा बढ़ रहा है। ज़िले के हिम्मतनगर में रह रहे बाहरी मज़दूरों को शहर छोड़ने की धमकियां दी जा रही हैं। इस घटना ने ग़ैर-गुजरातियों के लिए हालात मुश्किल कर दिए हैं।




पुलिस के मुताबिक, इस घटना के बाद से हमले की 18 घटनाएं हो चुकी हैं। साबरकांठा ज़िले के हिम्मतनगर में रह रहे बाहरी मज़दूरों में डर का माहौल है और ये डर पास के ज़िलों में भी फैल रहा है जिससे ये लोग अपने घर छोड़कर जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि व्हॉट्सएप और सोशल मीडिया के दूसरे माध्यमों पर धमकी भरे संदेश फैलाए गए हैं और उसकी वजह से ऐसा माहौल बना है।

मामला क्या है?

दरअसल 28 सितंबर को गुजरात के साबरकांठा ज़िले के हिम्मतनगर क्षेत्र के ढुंढर नामक गांव में 14 महीने की एक बच्ची से बलात्कार की घटना हुई। इस मामले में 19 साल के एक फैक्ट्री में काम करने वाले मज़दूर को गिरफ़्तार किया गया है।अभियुक्त जिस फैक्ट्री में काम करता था, उसी के सामने छोटी सी दुकान पर चाय-नाश्ता करने जाता था। पुलिस के अनुसार, उसी दुकान के पास सो रही बच्ची को खेतों में ले जाकर रवींद्र ने बलात्कार किया और फिर फ़रार हो गया। बच्ची का अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के प्रमुख डॉ. राजेंद्र जोशी ने बताया, “काफ़ी ख़ून बह जाने से बच्ची की स्थिति नाज़ुक थी लेकिन अब वह ख़तरे से बाहर है।”

बच्ची के दादा  का कहना है, “हमारे घर पर पर तो विपदा आ गई है। मेरी पोती के साथ ऐसा हुआ। उसके बाद पुलिस ने सुरक्षा कारणों से हमारी दुकान बंद करवा दी। कमाई बंद हो गई है, दो वक़्त के खाने की भी दिक्कत है।”

150 लोगों की गिरफ़्तारी

गुजरात पुलिस ने बाहरी लोगों पर हो रही हिंसा के मामले में 18 केस दर्ज किए गए हैं। इन प्रभावित इलाक़ों में गश्त बढ़ा दिया है। स्टेट रिज़र्व पुलिस की 20 कंपनियां इन इलाक़ों में तैनात की गई हैं। अब तक इस मामले में 150 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। वही जिन फैक्ट्रियों में बाहरी लोग काम करते हैं वहां भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों के बारे में साइबर सेल को अलर्ट कर दिया गया है। साबरकांठा पुलिस ने सोशल मीडिया पर नफ़रत भरे संदेश फैलाने के मामले में 150 लोगों को हिरासत में लिया है।

गुजरात के गृह मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने कहा, “हाईकोर्ट से परामर्श के बाद इस केस को फास्ट ट्रैक किया जाएगा और दो महीने के अंदर क़ानूनी कार्रवाई ख़त्म की जाएगी. राज्य सरकार की ओर से बनाए गए बलात्कार विरोधी क़ानून के तहत गुनहगार को फांसी की सज़ा हो, ऐसे प्रयास किए जाएंगे।”



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