72 संगठनों के 2 लाख कर्मी हड़ताल पर, सबकी मांग- रेगुलर करो

शिक्षाकर्मियों की मांगे पूरी होने के बाद अब 72 संगठनों के 2 लाख कर्मी हड़ताल पर, सबकी एक ही मांग रेगुलर करो, क्योकि चुनावी साल होने के कारण हड़ताल से सरकार पर दबाव बनेगा और मांगें मान ली जाएंगी।

रायपुर |  पंचायत विभाग ने 8 साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षाकर्मियों को भी नियमित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। शिक्षाकर्मियों को उम्मीद है कि चुनाव आचार संहिता से पहले नियमितिकरण को लेकर कोई घोषणा हो सकती है। इनकी संख्या लगभग 43 हजार है। प्रदेश सरकार ने मई में ही शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांग मान ली थी। इसका असर ये हुआ है कि रेगुलर होने और वेतन बढ़ाने जैसी उन्हीं मांगों को लेकर 54 विभागों के 72 कर्मचारी संगठन पिछले 2 माह से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों को लगता है कि चुनावी साल होने के कारण हड़ताल से सरकार पर दबाव बनेगा और मांगें मान ली जाएंगी। इसलिए प्रदेश में 2 लाख से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं।




दिन से एक ही बैनर ‘छत्तीसगढ़ प्रगतिशील कर्मचारी संगठन’ तले राजधानी रायपुर के ईदगाहभाठा मैदान में अनशन चल रहा है। इनकी संख्या करीब 1.71 लाख के आसपास है। इसमें विभिन्न विभागों के वर्ग एक से लेकर चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी तक शामिल हैं। हड़ताली 72 संगठनों के अलावा दर्जनभर संगठन और हैं, जो जनवरी में हड़ताल कर चुके। वे भी फिरसे हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। इनमें स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मल्टीपरपस वर्कर संघ, वन विभाग जैसे संगठनों के 78 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं। एमपीडब्लू कर्मचारियों की ग्रेड-पे की मांग नामंजूर हो चुकी, वे भी फिर हड़ताल की तैयारी में हैं।
सभी कर्मचारियों की मांगें मानीं तो राज्य और केंद्र के बीच खर्च 60-40% के अनुपात में बंटेगा। इस तरह, राज्य को 1280 करोड़ से अधिक और केंद्र को 1920 करोड़ रुपए की व्यवस्था करनी होगी। इस तरह सरकार पर 3200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।




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