प्रतिबंधित हैलोजन की रौशनी में रातभर नाचा देखा, सुबह उठे तो आंखें सूजी थीं, 170 लोगों की आंखों में संक्रमण

बालोद (एजेंसी) | बालोद के गांव मनौद में प्रतिबंधित हैलोजन की तेज रोशनी के चलते 170 लोगों की आंखें सूज गईं। ये सभी रात को गांव में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम (नाचा-गम्मत) में मौजूद थे। पंडाल में प्रतिबंधित हैलोजन से रोशनी की गई थी। रात 1 बजे कार्यक्रम खत्म हुआ तो ग्रामीण घरों को जाकर सो गए। सुबह उठे तो किसी की आंख में तेज जलन थी तो किसी की आंखें सूज गईं थीं।




सरपंच ने स्वास्थ्य विभाग को खबर दी तो डॉक्टर ने गांव जाकर जांच की। पीड़ितों की तादाद देखकर कैंप लगाना पड़ा। इससे पहले भी बालोद जिले में ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं। बालोद से 10 किमी दूर इस गांव के कला मंच में सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। गांव के ही टेेंट हाउस संचालक लालजी साहू ने पंडाल बनाकर हैलोजन लगाए थे। कार्यक्रम के दौरान तो कुछ नहीं हुआ।

लोग जब सुबह उठे तो आंखों में गहरा संक्रमण था। घटना की जानकारी मिलने पर सुबह कलेक्टर किरण कौशल भी गांव पहुंची। उनके निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत भवन में अस्थाई कैंप लगाकर ग्रामीणों का इलाज शुरू किया। बता दें कि इससे पहले भी जिले के गांव में प्रतिबंधित हैलोजन से ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। बहुचर्चित अंखफोड़वा कांड भी इसी जिले में हुआ था।

हैलोजन लगाने वाले पर होगी कार्रवाई

प्रतिबंध के बाद हैलोजन लाइट का इस्तेमाल करने पर किराया भंडार संचालक को भी नोटिस जारी किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। – हरेश मंडावी, एसडीएम

प्रभावितों में बच्चे ज्यादा, इलाज जारी

आंखों के संक्रमण से पीड़िताें में अधिकतर 6 से 15 साल तक के बच्चे हैं। 40 पुरुष, 54 महिलाएं और 76 बच्चों को मिलाकर कुल 170 लोगों की आंखें सूज गई हैं। सरपंच कौशल कुमार साहू ने बताया, गांव में शिविर तो लगा है, लेकिन आंखों में तीन से चार बार दवा डालने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है। इधर, डॉ. एसके सोनी का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। एक-दो दिन में सभी की आंखें ठीक हो जाएंगी।



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