बघेल मंत्रिमंडल के 9 मंत्री आज लेंगे शपथ, एक पद खाली रखने के संकेत; 6 विधायकों को पहली बार मिलेगा मौका, शपथग्रहण 11 बजे से होगा - गोंडवाना एक्सप्रेस
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बघेल मंत्रिमंडल के 9 मंत्री आज लेंगे शपथ, एक पद खाली रखने के संकेत; 6 विधायकों को पहली बार मिलेगा मौका, शपथग्रहण 11 बजे से होगा

रायपुर (एजेंसी) | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कैबिनेट में 10 मंत्रियों में से मंगलवार को 9 मंत्री शपथ लेने जा रहे हैं। मंत्री का एक पद फिलहाल खाली रखने के संकेत हैं। रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, शिव डहरिया, रुद्र गुरु, उमेश पटेल, कवासी लखमा, प्रेमसाय सिंह टेकाम, जयसिंह अग्रवाल, और अनिला भेड़िया का मंत्री बनना तय है। शपथ समारोह सुबह 11 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में होगा।

इसलिए चुने ये चेहरे, छह विधायक पहली बार बनेंगे मंत्री

रविंद्र चौबे: वरिष्ठ मंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। ब्राह्मण वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अनिला भेड़िया:  दूसरी बार विधायक। महिला और आदिवासी वर्ग की शर्त पूरी करती हैं।
प्रेमसाय सिंह टेकाम: सरगुजा का प्रतिनिधित्व करते हैं। पूर्व में मंत्री रहे।
मो. अकबर: जोगी सरकार में मंत्री रहे। एकमात्र अल्पसंख्यक नेता। सर्वाधिक वोटों से जीत का रिकॉर्ड।
शिव डहरिया: कार्यकारी अध्यक्ष। सतनामी समाज के नेता। सीट बदलकर आरंग से जीते।
उमेश पटेल: दूसरी बार के विधायक। स्व. नंदकुमार पटेल के बेटे। ओपी चौधरी को हराया।
कवासी लखमा: बस्तर से आदिवासी प्रतिनिधित्व। चार बार के विधायक।
रुद्र गुरु: समाज के गुरु परिवार से ताल्लुक। दूसरी बार के विधायक।
जयसिंह अग्रवाल: तीसरी बार के विधायक। कोरबा जिले का प्रतिनिधित्व पूरा करेंगे।




महंत बनेंगे विधानसभा अध्यक्ष, वोरा बन सकते हैं उपाध्यक्ष

सक्ती से विधायक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि, दुर्ग शहर से चुने गए वरिष्ठ‌ विधायक अरुण वोरा को उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। वोरा तीसरी बार विधायक चुने गए हैं।

अमरजीत के हाथों पीसीसी की कमान

पीसीसी चीफ भूपेश बघेल को सीएम बनाए जाने के बाद अब यह जिम्मेदारी आदिवासी नेता को देने की तैयारी है। मंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे अमरजीत भगत को पीसीसी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर संतुष्ट किया जा रहा है। वे आक्रामक शैली की राजनीति के लिए जाने जाते है।

पहली बार के विधायकों को मौका नहीं

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि पहली बार के विधायकों को मौका नहीं दिया गया है। नए कैबिनेट में प्रदेश के सभी क्षेत्रों, जाति और वर्गों का समावेश है। साथ ही अनुभव को भी तरजीह दी गई है।



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